! दो परिवारों को पवित्र करती है बेटियां !
प्रहलाद नगर सूरजपुरा रोड में रिपुसूदन अग्रवाल परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में कथा व्यास के रूप में भाटापारा निवासी पंडित हरगोपाल शर्मा अपने मुखारबिंद से उपस्थित जनसमुदाय को देवताओं को भी दुर्लभ श्रीमद् भागवत कथा का रसपान करा रहे है उन्होंने बताया कि व्यक्ति को शांति व समाज को क्रांति देने एवं नर को नारायण पद प्राप्त करने के लिए उत्तम सोपान है श्रीमद् भागवत ।
भ्रूण हत्या एवं समाज में हो रही बेटियों की कमी के विषय में चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि कन्या रत्न है और जिस घर में कन्या का जन्म होता है वह परिवार मोक्ष का भागी होता है । बेटियां दो परिवारों को पवित्र करती है,कन्याओं की कमी से आज समाज का प्रत्येक वर्ग प्रभावित है और अभी भी नहीं जागे तो नवरात्रि में कन्या भोज के लिए कन्या व भाई की कलाई में राखी बंधवाने के लिए बहन ढूंढते रह जाओगे । वंश का नाम बेटियों से भी आगे बढ़ता है राजा जनक,द्रुपद सहित सैकड़ों उदाहरण है हमारे धर्म शास्त्रों में, इस धरा का संतुलन बना रहे इसके लिए बेटियों की सुरक्षा व संरक्षण आवश्यक है ।
कृष्ण जन्म पर उन्होंने बताया कि गाय का रूप धारण कर पृथ्वी देवताओं के पास गई व कहने लगी कि इसी प्रकार पाप कर्म होते रहे तो मैं रसातल में चली जाऊंगी तब ब्रह्म सहित सभी देवताओं की प्रार्थना पर भगवान ने कंस के कारावास में देवकी के गर्भ के जन्म लिया और पापियों का नाश कर पुनः धर्म की स्थापना की । भगवान के जन्मोत्सव पर बधाई गीतों पर कथा पंडाल में उपस्थित सैकड़ों भक्त झूमते नाचते रहे । भगवान के बाल चरित्र सुन श्रोता आनंदित होते रहे , गोवर्धन पूजन के माध्यम से भगवान ने हमे प्रकृति के प्रति हमारे कर्तव्यों के प्रति जागरूक करते हुए वृक्ष,पर्वत, नदियों के संरक्षण का संदेश दिया । महारास लीला पर प्रकाश डालते हुए पंडित हरगोपाल शर्मा ने कहा कि काम को जीतने के लिए ही भगवान ने रासलीला की,यह कोई स्त्री पुरुष का मिलन नहीं, जीव और ईश्वर का मिलन था । गोपी उद्धव संवाद की कथा को बड़े ही मार्मिक ढंग से सुनाया । हम प्रेम दीवानी है वो प्रेम दीवाना, ऐ उद्धो हम ज्ञान की, पोथी ना पढ़ाना । भजन को सुन श्रोताओं के नेत्र सजल हो गए । रुक्मिणी विवाह की कथा के मध्य बाराती बने श्रद्धालु झूमते नाचते रहे । भगवान के अन्य विवाह के साथ ही सुदामा चरित्र की कथा को सुन सभी भावविभोर हो गए । पंडित हरगोपाल शर्मा ने बताया जैसे बहने वालों में गंगा,देवताओं में श्री कृष्ण,वैष्णवों में भगवान शंकर,क्षेत्रों में काशी श्रेष्ठ है वैसे ही पुराणों में श्रीमद् भागवत श्रेष्ठ है जिसके आश्रय से मनुष्य की समस्त मनोकामनाओं की पूर्ति होती है । सुकदेव विदाई एवं परीक्षित मोक्ष की कथा के साथ ही कथा का विराम हुआ ।
कथा स्थल पर नगर पालिका अध्यक्ष अश्वनी शर्मा , बेमेतरा जिले के पूर्व अध्यक्ष व भागवत वक्ता ओम प्रकाश जोशी, वार्ड पार्षद मोंटू ध्रुव अन्य जनप्रतिनिधियों,साधु संतों सहित सैकड़ों की संख्या में प्रतिदिन श्रोताओं का आगमन होता रहा ।