छत्तीसगढ़ के उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने कोरबा नगर निगम के सभापति को अपना क्या कह दिया, भारतीय जनता पार्टी में बवाल मच गया। इतना ही नहीं प्रदेश अध्यक्ष ने अपनी की पार्टी के मंत्री को नोटिस तक थमा दिया। अब मंत्री को अपना पक्ष रखने के लिए 48 घंटे का समय मिला है।
मामला कोरबा नगर निगम के चुनाव से जुड़ा है, जिसमें 67 में से भाजपा के 45 पाषर्दों ने जीत दर्ज की है। लेकिन जब मामला सभापति चुनने का था तो भाजपा प्रत्याशी हितानंद अग्रवाल की जगह भाजपा के बागी नूतन सिंह चुन लिए गए। नूतन सिंह भाजपा की टिकट पर पार्षद चुनकर आए थे। जब मामले में पत्रकारों ने मंत्री लखनलाल देवांगन जो कोरबा से ही विधायक भी हैं, से बाइट लेने पहुंचे तो लखनलाल देवांगन ने बाइट में कह दिया ‘हितानंद भी अपने हैं और वो जो जीते हैं वोे भी हमारे हैं‘
चुनाव में हार के बाद कोरबा में पार्टी की जमकर किरकिरी भी हुई. पार्टी ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभापति का चुनाव जीतने वाले भाजपा पार्षद नूतन सिंह ठाकुर को पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया. इसके बाद कोरबा के विधायक और प्रदेश के उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन को भी शो कॉज़ नोटिस दिया गया है. मंत्री पर अनुशासनहीनता का आरोप है. हाल फिलहाल में यह ऐसा पहला मामला है, जिसमें मंत्री के कद के किसी नेता को पार्टी ने नोटिस थमाया है
नोटिस में क्या लिखा गया है
मंत्री लखन लाल देवांगन को संबोधित करते हुए नोटिस में कहा गया है कि सभापति के चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद मीडिया में जो बयान दिया गया था, वो अनुशासन भंग करने की परिधि में आता है. प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव के निर्देश पर आप अपना पक्ष 48 घंटे के भीतर रखें.