छत्तीसगढ़ के चर्चित सेक्स सीडी कांड मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया है। CBI की विशेष अदालत ने सभी धाराओं को हटाते हुए कहा कि भूपेश बघेल के खिलाफ मुकदमा चलाने का कोई ठोस आधार नहीं है। अदालत के इस फैसले के बाद भूपेश बघेल ने अपने X (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर “सत्यमेव जयते” लिखा है। मामले में मंगलवार को भूपेश बघेल, विनोद वर्मा और कैलाश मुरारका रायपुर की अदालत में पेश हुए। हालांकि बाकी चार आरोपियों पर कोई फैसला नहीं आया है। अगली सुनवाई 4 अप्रैल को होगी।

सीडी कांड (Sex CD scandal) मामले में CBI ने दावा किया कि उसके पास इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य हैं, जो आरोपियों के खिलाफ हैं। हालांकि, भूपेश बघेल के बचाव में जबलपुर हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष दत्त ने अदालत में कहा कि भूपेश बघेल को झूठे मामले में फंसाया गया है। उन्होंने कहा कि भूपेश ने ना तो सीडी बनाए थे और न ही किसी प्रकार का अपराध किया था।

क्या है सेक्स सीडी कांड? (Sex CD scandal)

यह मामला अक्टूबर 2017 का है, जब छत्तीसगढ़ में एक कथित सेक्स सीडी सामने आई थी, जिसे पूर्व मंत्री राजेश मूणत का बताया गया। रायपुर के सिविल लाइन थाने में इसका मुकदमा दर्ज किया गया। इस मामले में बाद में दिल्ली से पत्रकार विनोद वर्मा को गिरफ्तार किया गया था। कांग्रेस ने इसे तत्कालीन भाजपा सरकार की साजिश बताया था।

सितंबर 2018 में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल को भी गिरफ्तार किया गया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने इस कांड में साजिश रची थी।

2018 में CBI ने मामले में चार्जशीट पेश की थी, लेकिन इस पर कोई ठोस सुनवाई नहीं हुई थी। सीबीआई ने रिंकू खनूजा को भी आरोपी बनाया है, जो कि इस कांड की अहम कड़ी थे। रिंकू ने 6 जून 2018 को आत्महत्या कर ली थी। सीबीआई का दावा है कि रिंकू और विजय पांड्या ने सीडी बनवाई थी और इसके लिए वे मुंबई गए थे। सरकारी गवाह लवली खनूजा ने भी CBI को इस मामले में अहम जानकारी दी थी

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